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NPG : pm gati shakti से मजबूत होगा Make in India

लॉजिस्टिक लागत में आएगी गिरावट

sourabh soni (editor )

पीएम गति शक्ति योजना ( pm gati shakti ) के माध्यम से मेक इन इंडिया से जोड़कर भी देखा जा सकता है। विश्व की व्यापारिक राजधानी बनाने की कवायद भी की जायेगी। जनता पोस्ट के इस लेख को पढ़कर आपको पता चलेगा कि कैसे भारत की लॉजिस्टिक लागत विकसित देशों की तुलना में अधिक है और आज पीएम गति शक्ति योजना का काम तेजी से क्यों किया जा रहा है और फायदा क्या होगा ।

npg news – पीएम गतिशक्ति योजना 15 अगस्त 2021 को, भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस परियोजना की घोषणा की गई थी। वैसे पीएम गति शक्ति का नाम है उससे तो यह समझ में आ जाता है कि यह योजना गति व शक्ति देने की है। गति शक्ति योजना पर तेजी से काम चल रहा है इसके लिये नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) गठित किया गया है। ज़मीनी स्तर पर काम में तेज़ी लाना, लागत में कमी करना और रोज़गार पैदा करना ही इरादा है पीएम गति शक्ति योजना का। इस योजना का फायदा और भी है जैसे यह योजना कनेक्टिविटी परियोजनाओं की मैपिंग में भी मदद करेगी और औद्योगिक केंद्रों को जो अनेक राज्यों में स्थापित है उन्हें भी कनेक्टिविटी मिलेगी और व्यापार का विस्तार होगा।

लॉजिस्टिक लागत में आएगी गिरावट

cg npg news – लॉजिस्टिक लागत क्या है? आपको बता दें कि निर्यात करने के लिये किसी भी वस्तु या उत्पादन को जो खर्च करना पड़ता है उसे ही लॉजिस्टिक लागत कहते हैं। गति शक्ति के माध्यम से निर्यात और आयात के बीच में साधनों का विकास होगा यानी सड़क, रेल और बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी होने से खर्च में कमी आयेगी। वैसे देश में नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी शुरू की गई है इसका भी इरादा है लॉजिस्टिक लागत को 13 से 10 प्रतिशत तक लाना।

कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। इस वजह से इसकी लागत भी बढ़ जाती है। लेकिन अब नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी आने के बाद तैयार माल को न सिर्फ तेजी से उसको गंतव्य तक पहुंचाना आसान होगा बल्कि लागत में भी कमी आएगी।

मेक इन इंडिया को मिलेगी मजबूती

pm gati shakti से खेती किसानी से लेकर रेलवे बंदगाहों को सड़क सुविधा होने के कारण से ही मेक इन इंडिया का भी एक व्यापक विस्तार होगा वह ऐसे होगा कि कनेक्टिविटी का उपयोग भी आर्थिक सफलता के लिये होगा एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने में जिन परिवहनों और साधनों का उपयोग होगा उसका निर्माण हम मेक इन इंडिया के तहत ही होगा यानी मेक इन इंडिया को और मजबूती मिलेगी।

NPG : pm gati shakti योजना रेल सड़क क्षेत्रों के लिये वरदान

Npg – नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) ने 250 से अधिक परियोजना पीएम गति शक्ति योजना (pm gati shakti upsc) के तहत ही है उसे आगे बढ़ाने उसका विस्तार करने के निर्देश दिये है। यह परियोजनाओं की बात की जाये तो यह परियोजना का उपयोग सभी लॉजिस्टिक्स और संपर्क ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर किया जाता है। एनपीजी के माध्यम से आगे बढ़ाया गति शक्ति योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

गति शक्ति (pm gati shakti upsc) से संबंधित जो 250 परियोजना है उनमें कृषि, खाद्य, इस्पात और कोयला जैसे क्षेत्रों के लिए रेल, बंदरगाह और सड़क के जरिये अंतिम छोर तक संपर्क से संबंधित इन्फ्रास्टक्चर संबंधित शामिल की गई है।’’ वैसे गतिशक्ति योजना के तहत पोर्टल का भी शुभारंभ हुआ था जिसके बारे में जनता पोस्ट में पूर्व में भी लेख् प्रकाशित हुआ है। इस लेख का लिंक भी आपको इस पोस्ट के नीचे में मिल जायेगा।

Read also – गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर-प्लान में पोर्टल की नई भूमिका

राष्ट्रीय मास्टर प्लान (national master plan) के उपयोग से अब अप्रत्याशित अड़चनें कम हुई हैं। जनता पोस्ट के एक लेख में यह बताया था कि कुल मिलाकर pm gati shakti portal से आर्थिकजोनों को निर्बाध कनेक्टीविटी के मद्देनजरअवसंरचना आयोजना के लिये सुरक्षित, टिकाऊ, वहनीय औरसहभागी नजरिये के माध्यमसे देश मेंअवसंरचना विकास की अड़चनोंको दूर करनेमें मदद मिलेगी। जिसका सीधा असर तेजी से देखने को मिल रहा है।
pm gatishakti portal : (एनएमपी) पोर्टल के इस्तेमाल कर 26 से अधिक राज्यों ने इस पोर्टल के साथ डेटा की विभिन्न श्रेणियों को एकीकृत किया यही नहीं केंद्र और राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय और लागत को कम करने में मदद मिल रही है। एनएमपी पोर्टल का उपयोग महत्वपूर्ण कमियों की पहचान करने और परियोजनाओं की योजना बनाने के लिए किया जाता है। अब आगे यह देखना होगा कि पीएम गति शक्ति योजना की सफलता से आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को भी कैसा सहयोग मिलेगा।

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