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महिला विरोधी फिल्में बनाने वालों पर लगाम लगे

नकारात्मकता और सकारात्मकता के बीच की एक कड़ी है सोच। सोच यदि नकारात्मक रहेगी तो उसके नतीजे भी नकारात्मक मिलेगी। अपनी सोच को दुनिया को दिखाने की कोशिश कौन करता है। सोच को दूसरों पर थोपने का काम कौन करता है।

कनाडा में (kali controversial poster) काली के पोस्टर को लेकर विवाद हुआ था। सेक्सी दुर्गा जैसी फिल्में बनाने वाले मां दुर्गा का अपमान करते तो हैं हीं परंतु वे यह नहीं सोचते हैं कि अपनी नकारात्मक सोच को दूसरों पर थोपने की कोशिश करते हैं। ऐसी मानसिकता के कारण पूरे देश के लोगों का नुकसान होता है। आइए जानते हैं कि सेक्सी दुर्गा जैसी फिल्में बनाने वालों की दास्तांन।

पुरुष नारीवादी एक ऐसा शब्द है जिसको समझना मुश्किल है। शायद ही आपने इस शब्द को सुना होगा पहली बार इस शब्द को सुनकर कैसा लगा है। फैक्ट की बात यह है कि पुरूष और नारी में क्या अंतर है इस बारे में जानने की कला ही आपको पुरूष और नारीवाद के बीच के अंतर को समझने में सहायता करेगी।

इसी प्रकार से देखा जाये तो जो लोग नारियों को नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं उन लोगों को हम पुरूष बनाम नारीवादी के श्रेणी में रख सकते हैं। महिलाओं का पीछा करने वालों को सलाखों के पीछे डालना जरूरी है। ऐसे लोग ही पुरूष और नारीवाद के बीच की खाई हैं।

‘सेक्सी दुर्गा’ बनाने वालों को हथकड़ी लगाना जरूरी

देवी-देवताओं के नाम पर गलत धारणाओं से खेलने वालों को सबक सीखाना जरूरी है। हाल ही में एक निर्माता को अरेस्ट किया गया था और उन पर आरोप लगा था कि गरिमा को ठेस पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया में छवि को खराब करने की साजिश का खुलासा हुआ था। उस पर एक्शन लिया गया था। ऐसे ही बात की जाये
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राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

राजनीतिक प्रतिशोध और छवि के मामले कफी ज्यादा तूल पकड़ने लगते हैं जब आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी होता है। माना जाता है कि किसी भी मामले में राजनीति का बड़ा महत्व होता है और राजनीति के दखल से ही सारा मामला प्रभावित होता है। राजनीति से ही सारे देश में बदलाव संभव है और राजनीति ही देश को सकारात्मकता की ओर ले जाती है। ऐसे में आवश्यक्ता है कि देश में राजनीतिक प्रभाव से ही माहौल को बदलकर नकारात्मक सोच को मिटाया जाये।

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गिरफतारी का डर आवश्यक

सेक्सी दुर्गा जैसे निर्माताओं को गिरफतार होने का भय होना आवश्यक है क्योंकि ऐसे लोग समाज के लिये हानिकारक साबित होते हैं और यदि गिरफतार नही किया गया तो ऐसे लोगों की हिम्मत काफी ज्यादा बढ़ती जायेगी जो हानिकारक होगा भविष्य के लिये आने वाले युवा पीढ़ियों के लिये। भारत दंड संहिता के तहत ऐसे पुरूषों को महिलाओं का पीछा यानी फॉलो करने वालो पर कार्रवाई होनी चाहिये।

बड़ी ताकतों से सावधान रहना जरूरी

महिलाओं को टारगेट करने वाले बड़ी ताकतों के पास बेशुमार दौलत और पहुंच होने के कारण उन लोगों द्वारा महिलाओं का शोषण करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होगी ऐसा समझा जाता है। ऐसे ताकतवर लोगों को हराने के लिये उनकी जड़ों पर प्रहार करने की आवश्यक्ता है क्योंकि ऐसा नहीं किया गया तो वास्तव में बड़ी ताकतों की हिम्मत नकारात्मक कार्य करने की बढ़ेगी सेक्सी दुर्गा जैसी ‍िफल्मे बनाने वालों पर एक्शन लेना जरूरी है।

दुनिया भर में एक निरंतर पैटर्न

snapsext – क्या है सेक्सी दुर्गा : सेक्सी दुर्गा की चर्चा पहली बार 2017 में हुई थी जब एक निर्माता ने अपनी फिल्म ‘सेक्सी दुर्गा’ को एक विवादास्पद शीर्षक देने का फैसला किया। फिल्म ने पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन किया गया हंगामा किया गया क्योंकि इसने मां दुर्गा का अपमान किया था। इस बात का पता नही चल पाया की यह पैदा करने की जरूरत क्यों हुई थी जानबुझकर या गलती से।

नारीवाद क्या है नारियों का सम्मान कैसे होगा
सेक्स संबंधों (sex relationship) के अलावा भी क्या नारी को समझा जाता है। दरअसल महिलाओं को पुरूष अपने एक चश्मे से देखता है वह है सेक्स । (देसी सेक्सी ) सेक्स की नजरों से देखने वाले पुरूषों को नारियां वैश्या दिखाई है। महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सुंदर दिखाने का प्रयास किया जाता है। सेक्स के प्रति रूचि युवाओं में बढ़ रही है इसका कारण है अश्लीलता यानी पोर्न मूवी।

hindi sexy picture पोर्न मूवी sexy-video देखने के शौकिन लोगों में महिलाओं के प्रति दुर्रव्यवहार की आदत ज्यादा होती है। उनमें सेक्स की भावना इतनी ज्यादा होती है कि रेप जैसे काम भी वे करने लगते हैं। पोर्न यानी सेक्स वीडियो दिखाने वाली साईटृस में जो काम पोर्न स्टार द्वारा किया जाता है वह सभी काम करना पसंद होता है जैसे सेक्स पॉजिशन इत्यादी। सेक्सी फिल्म – पोर्न देखते वक्त हस्त मैथुन की आदत पढ़ जाती है जो पुरूषों को मजा तो देती है पर आगे के लिये सजा के रूप में शारीरिक व मानसिक कमजोरी मिल जाती है।

सेक्स के प्रति क्या है नजरिया
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भारतीय संस्कृति में सेक्स के प्रति काफी ज्यादा समझदारी रही है। प्राचीन काल से सेक्स के बारे में निजता की सुरक्षा भारत में होती है। भारत में हाल में सेक्स साईटों sexy page के कारण युवाओं में मास्टरब्रेशन का चलन बढ़ता जा रहा है।

saxypotos : हाल ही में जब से पोर्न स्टार्स को भारतीय पिक्चरों में शामिल किया गया है तब से माहौल खराब होता जा रहा है। सनी लियोनी जैसे अभिनेत्री जिनके सेक्स वीडियो (संभोग कला) इंटरनेट पर आसानी उपलब्ध है। सैक्स फैमिली तक पहुंच चुका है सैक्स की ज्यादा लत से ही महिलाओं को नुकसान होता है महिलाओं को भी अश्लील बनाने की साजिश हो रही है। मोबाईल में गंदी सेक्सी फिल्म वीडियो (seksi vidiyo) में सेक्सी देसी सेक्सी, इस तरह के नामों से महिलाओं की अश्लीलता का प्रदर्शन होता है।

सेक्सी फिल्म : (sexy film ) के वीडियो (लोकलुभावन-सेक्सी-वीडियो) महिलाओं को दिखाकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाया जाने का मा मला सुनने में आये दिन आते रहता है। कुल मिलाकर कहा जाये तो भारत जो वैदिक काल से ही सेक्स के बारे में समझदार रहा है उस देश के युवाओं को अश्लीलता और सेक्स के तरफ झोंकन गलत है यह बंद होना चाहिये।

कहने का तात्पर्य है कि आगामी समय में जो सोशल मीडिया में अश्लिलता का अंबार है उसे रोकना आवश्यक है। एक सीमित स्तर पर अश्लीलता को बर्दाश्त किया जा सकता है और घर-घर में पोर्न का प्रचलन होना देश के युवाओं के साथ-साथ नारियों के लिये भी हानिकारक है यह भारत के संस्कृति के खिलाफ है।

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