Indiawoman

Women day : जब विश्व युद्ध के बाद सत्ता पर भारी पड़ी रूसी महिलाएं

International Women's Day 2023

International Women’s Day 2023: अंतरराष्ट्रीय महिला पूरी दुनिया में  महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को सशक्त बनाने के लिये उनके हक की बात करने के लिये और नारियों को प्रेरित करने के लिये मनाया जाता है। इस पोस्ट में आपको महिला दिवस के इतिहास से जुड़ा एक किस्सा बतायेंगे जिसमें आपको रूस में हुए महिलाओं के आंदोलन में क्या हुआ इस बारे में पता चलेगा। 

Nari Diwas 2022 में थीम

वर्ष 2022 की थीम ‘जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो’ (Gender Equality Today For A Sustainable Tomorrow)  नाम की थी संयुक्त राष्ट्र  ने इस बार महिला दिवस ( antarrashtriya nari diwas 2022) है। इस थीम का अर्थ है कि एक स्थाई और समान कल के लिए समाज में लैंगिक समानता ज़रूरी है।

– Buddha purnima : भगवान विष्णु जी के ही अवतार हैं महात्मा बुद्ध

mahila divas 2022 : संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किया गया . नारी दिवस के लिये कलर भी हर बार की तरह पर्पल के   ग्रीन और सफेद है। जो महिलाओं की एकता और शांति तथा सकारात्मकता का परिचय देगा। 

International Women’s Day क्यों मनाया गया ? 

अमेरिका से महिला दिवस की प्रथम बार शुरूआत हुई थी। Women day 2023 : दरअसल अमेरिका की एक सामाजिक पार्टी ने पहली बार 1909 में महिला दिवस मनाया था। लाखों महिलाओं ने एकजूट होकर रैली निकाली थी। इस रैली में भेदभाव जैसे नौकरी, मत देने में महिलाओं के लिये स्थान देने की मांग भी की गई थी। 

जब विश्व युद्ध के बाद रूस के शासक पर भारी पड़ी महिलाएं तो पड़ा झुकना: 

1917 आते-आते रूस के दो लाख से ज्यादा सैनिक मारे गये थे विश्व युद्ध के समय तो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ही रूस की महिलाओं ने शांति और रोजगार के लिये हड़ताल किया था। रूस में महिलाओं के आगे सरकार को झुकना पड़ा था और रूसी महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला था। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button