100 rupees coin how to get : भारत में करेंसी नोट और सिक्के आमतौर पर रोज़मर्रा के लेन-देन के लिए होते हैं, लेकिन जब बात 100 रुपये के सिक्के की आती है, तो इसमें लोगों की उत्सुकता हमेशा बढ़ जाती है। हाल ही में 100 रुपये का सिक्का फिर से चर्चा में है, क्योंकि इसे सरकार ने खास मौके पर जारी किया है। ऐसे सिक्के न केवल मुद्रा संग्रहकर्ताओं (coin collectors) के बीच लोकप्रिय रहते हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक अनूठा उपहार या यादगार बन सकते हैं।
भारत में 100 रुपये का सिक्का सामान्यत: रोज़मर्रा के लेन-देन में नहीं दिखता। यह कोई साधारण मुद्रा नहीं, बल्कि स्मारक सिक्के (commemorative coin) के रूप में बहुत सीमित संख्या में जारी होता है। सरकार कभी–कभी खास व्यक्ति, संस्था या ऐतिहासिक घटना की स्मृति में ऐसे सिक्के जारी करती है। इन सिक्कों की मांग इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि लोग उन्हें संग्रहण और निवेश दोनों रूप में देखते हैं। आजकल जब हर चीज़ डिजिटल हो रही है, ऐसे भौतिक सिक्के विरासत और परंपरा का प्रतीक बनते जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है—100 रुपये का सिक्का कैसे प्राप्त करें? आइए जानते हैं इसकी पूरी जानकारी।
सरकार की पॉलिसी व नए बदलाव
भारतीय सरकार द्वारा 100 रुपये का सिक्का भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और सरकारी टकसाल (Mint) के ज़रिये विशेष कार्यक्रमों या ऐतिहासिक अवसरों पर जारी किया जाता है। साल 2024-25 में, सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम के कई नायकों और संस्थाओं की स्मृति में 100 रुपये के लिमिटेड एडिशन सिक्के जारी किए। इन सिक्कों में ज्यादातर विशेष डिजाइन, हाई क्वॉलिटी फिनिश और सरकारी मुहर होती है, जिससे इनकी प्रामाणिकता बनी रहती है।
RBI समय-समय पर पब्लिक नोटिफिकेशन निकालकर बताता है कि कौन-से नए स्मारक सिक्के बाजार में आने वाले हैं। पिछले दो वर्षों में, 100 रुपये का सिक्का पाने के लिए जनता के बीच खास रुचि देखी गई है। सरकार ने टकसाल के ज़रिये ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन का सिस्टम शुरू किया, जिससे आम लोग भी आसानी से नया सिक्का खरीद सकते हैं। इसके अलावा, खास वर्ग—जैसे दिव्यांगजन, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों—को कूपन, प्रायोरिटी या छूट जैसी सुविधाएं दी जाती रही हैं।
कौन ले सकता है 100 रुपये का सिक्का?
100 रुपये का सिक्का किसी भी भारतीय नागरिक के लिए उपलब्ध है, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है। सिक्के खरीदने के लिए कोई विशेष न्यूनतम योग्यता या शैक्षिक पात्रता नहीं चाहिए। हां, संग्रहक (collectors) या निवेशक ही नहीं, बल्कि स्कूल-कॉलेज के छात्र, गृहणियां, नौकरीपेशा या बुजुर्ग सभी ऐसे सिक्के खरीद सकते हैं। सरकार ने कोशिश की है कि देश के हर वर्ग को इन स्मारक सिक्कों तक पहुंच मिले।
इसके साथ ही, अगर सरकार या संबंधित टकसाल किसी खास समूह—जैसे दिव्यांगजन, महिलाओं, शहीद परिवार, या अनुसूचित जाति/जनजाति—के लिए अतिरिक्त सहयोग या प्राथमिकता दे रही हो, तो वो जानकारी नोटिफिकेशन में दी जाती है। ऐसे मामलों में पात्र लोगों को आवेदन करते समय प्रमाणपत्र या संबंधित दस्तावेज देने होते हैं। सिक्के खरीदने की कोई ऊपरी सीमा नहीं, परंतु कभी-कभी लिमिटेड एडिशन की वजह से प्रतिव्यक्ति एक या दो सिक्के ही मिलने का नियम भी हो सकता है।
आवेदन की सरल प्रक्रिया
अगर आपको 100 रुपये का सिक्का चाहिए, तो प्रक्रिया बेहद आसान है। सबसे पहले, भारतीय टकसाल (Mumbai, Kolkata, Hyderabad, Noida) या RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। यहां आपको न्यू कलेक्टिबल कॉइंस (New Collectible Coins) या पब्लिक सब्सक्रिप्शन (Public Subscription) का नोटिफिकेशन दिखेगा। उसमें बताया होता है कि किस तारीख से किस तारीख तक आवेदन करना है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको –
- नाम, पता, मोबाइल नंबर डालना होता है।
- निर्धारित राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करनी पड़ती है (इसमें सिक्के का मूल्य + पैकिंग व कूरियर शुल्क जुड़ा होता है)।
- एप्लिकेशन सफल होते ही आपको एक रसीद या कंफर्मेशन मेल मिलता है।
- बाद में, तय तिथि पर या तो आप टकसाल जाकर खुद सिक्का ले सकते हैं, या फिर डाक/कूरियर द्वारा आपके पते तक भेज दिया जाता है।
कई बार ऑफलाइन लोकल ब्रांच या अधिकृत सिक्का-विक्रेताओं के पास भी ये सिक्के उपलब्ध होते हैं, लेकिन वहां केवल सरकारी दर या अधिकृत प्रमाणपत्र देखकर ही खरीदारी करें।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व इम्प्लीमेंटेशन
100 रुपये का सिक्का कोई सरकारी लाभ या स्कीम में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के अंतर्गत नहीं मिलता, बल्कि यह एक स्मारक व संग्रहण मूल्य की वस्तु है। इसका मतलब है कि सरकार आपको मुफ्त देने के बजाय निश्चित कीमत पर बेचती है। जब आप ऑनलाइन आवेदन करते हैं, तो सिक्का सीधे आपके पते तक स्पीड पोस्ट या कूरियर के मार्फत पहुंच जाता है।
बैंक अकाउंट या किसी अन्य दस्तावेज़ की जरूरत केवल भुगतान के लिए होती है। पहले आवेदक–पहले सेवा (first come, first served) के आधार पर डिस्पैच किया जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। कई बार अगर भीड़ ज़्यादा हो तो टकसाल ड्रा सिस्टम से विजेताओं को सिक्का भेजती है।
विशेष प्रावधान: महिलाओं, दिव्यांग व ग्रामीण को प्राथमिकता
सरकार कई बार महिलाओं, दिव्यांगजन या ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए खास रियायती शुल्क, प्राथमिकता या पहुंच कार्यक्रम चलाती है। ऐसी घोषणाओं की जानकारी संबंधित टकसाल की वेबसाइट या सरकारी प्रेस रिलीज में दी जाती है। उदाहरण के लिए, महिला दिवस या दिव्यांग दिवास के अवसर पर सिक्के की प्रथम खेप खास तौर पर इन वर्गों को दिए जाने की व्यवस्था की जाती है।
कई बार समाज सेवा संस्थाओं के ज़रिये भी विशेष समूहों के लिए सामूहिक आवेदन की सुविधा दी जाती है। ऐसे में संबंधित समूह को आवेदन के साथ दस्तावेज़ या प्रमाणपत्र देना ज़रूरी है।
लोगों के जीवन पर इसका असर
100 रुपये का सिक्का उपलब्ध होने से न सिर्फ संग्रहकों और उत्साही नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ती है, बल्कि ये लोगों को परंपरा, संस्कृति और देश पर गर्व करने का भी मौका देता है। ऐसे सिक्के खास अवसर की याद दिलाकर इतिहास से जुड़ाव बढ़ाते हैं और समाज में आत्मनिर्भरता का भाव मजबूत करते हैं।
छात्रों और युवाओं को इससे शिक्षा मिलती है कि कैसे देश की विरासत को संजोया जा सकता है। साथ ही, यह समाज में आर्थिक समानता और सम्मान के भी नए रास्ते खोलता है, क्योंकि हर वर्ग के लोग बराबरी से इन्हें खरीद सकते हैं।
सरकार की आगे की योजना और विज़न
सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में और अधिक स्मारक सिक्के जारी किए जाएं, जिससे हर नागरिक तक इन ऐतिहासिक यादों की पहुंच बने। भविष्य में ऑनलाइन प्रोसेस को और आसान, पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। सरकार चाहती है कि इन सिक्कों का फायदा विशेष समूहों—जैसे महिलाएं, दिव्यांग, छात्र और समाज के हर हिस्से—को मिले, ताकि यह दौलत और विरासत सबकी हो।
निष्कर्ष
100 रुपये का सिक्का आज सिर्फ कलेक्टिबल आइटम ही नहीं, बल्कि देश की विरासत और गौरव का प्रतीक है। इसे पाना अब आसान है—सिर्फ सरकारी वेबसाइट पर जानकारी देखते रहें, समय पर आवेदन करें और देश के स्वर्णिम पलों को संजोएं। यह न सिर्फ व्यक्तिगत खुशी का जरिया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को दिया गया विरासत स्वरूप अमूल्य तोहफा भी है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अधिक और नवीनतम जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक सरकारी स्रोत देखें।

“S Soni is an accomplished writer and editor, admired for her clear and insightful coverage of government schemes, news, Educational Information, Job, technology, and automobiles. Her ability to simplify complex subjects has helped her build a loyal readership and earn wide respect in the field of journalism.”
