Bastar Visit Sachin Tendulakr : कभी बस्तर नक्सल प्रभावित सरकार प्रयास से अब विकसित होगा । अब हमारे लिये एक लाल निशान वाला आतंक कई सालों तक एक खौफ और खूनी खेल की कहानी थी बस्तर में लाल आतंक की खबरें मीडिया जगत में छाई रहती थी। आज वक्त बदला तो बस्तर भी बदला ।

कभी बस्तर के घाटी माओवाद के हिंसा से जूंझ रही थी, अब यहॉ सरकार के प्रयासों से ही नक्सलवाद का अंत हो चुका है । ‍ यही कारण है कि बस्तर में विकास की ओर कदम तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है । एक कदम उठाया गया है सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ने भी । भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन ( Sachin tendulkar in Bastar ) के माध्यम से दंतेवाड़ा में एक कदम उठाया गया बच्चों के शिक्षा और खेल के विकास के लिये ।

पहली बार सचिन तेंदुलकर बस्तर पहुंचे थे । दंतेवाड़ा जाते वक्त जगदलपुर एयरपोर्ट में उनका आगमन हुआ तो भारी उत्साहित भीड़ ने उनका स्वागत किया कलेक्टर भी मोजूद रहे । बस्तरिया गुलदस्ता देकर सचिन का स्वागत किया गया ।

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर दंतेवाडा के छिंदनार गांव में पहुंचने के अंतिम क्षण में एक बदलाव हुआ जिसके चलते सीएम विष्णुदेव साय उपस्थित नहीं हो सके थे कार्यक्रम में । इस बात की पुष्टी दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश ध्रुव ने की थी ।

खेल का मैदान, लगे सचिन सचिन के नारे

जब सचिन जैसे ही जगदलपुर मे पहंचु थे तो वे सीधे सड़क के रास्ते ग्राम छिंदनार गांव पहुंचे थे । आपको बता दें कि इंदिरावती नदी के किनारे स्थानीय बच्चो पर भी उत्साह देखते ही बना था । दंतेवाड़ा समेत पूरे बस्तर में खेल से जुड़ी गतिविधिया पहले भी देखने को मिल चुकी है। आदिवासी बच्चों से भी सचिन ने मुलाकात की थी । अपने प्राइवेट जेट के साथ वे पहुंचे थे सचिन ।

सचिन तेंदुलकर बोले बस्तर में डायमंड बहुत….

आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ( Sachin tendulkar Foundation ) आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और मांदेशी के पहले के चलते बदलाव देखने को मिलेगा जब बस्तर में खेल प्रतिभाएं बेहतर होंगी । इसके लिये मैदान कप प्रतियोगिता के जरिये हजारों बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा । छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने एक बच्चें की टीशर्ट में ऑटोग्राफ दिया ।

और मांदेशी के पहले के चलते बदलाव देखने को मिलेगा जब बस्तर में खेल प्रतिभाएं बेहतर होंगी । इसके लिये मैदान कप प्रतियोगिता के जरिये हजारों बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा । छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने एक बच्चें की टीशर्ट में ऑटोग्राफ दिया ।

करीब 5 हजारे से ज्यादा बच्चों को लाभ मिलेगा ऐसा कहा सचिन तेंदुलकर ने । इस खेलों में देश से जुड़े खेल जैसे कबडडी खो-खो एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिये युवाओं को नई पहचान देने की तैयारी है। सचिन ने बताया कि बस्तर में डायमंड बहुत है जिसे पॉलिश करने की जरूरत है।

जब सचिन तेंदुलकर को पता चला कि बस्तर में ग्राउंड नहीं है तो उन्होंने इस बात का जिक्र अपने कार्यक्रम में करते हुए बताया कि मेरी जिंदगी की शुरूआत मैदान से हुई थी । मैं बच्चों को देखता हूं जैसे मेरी जर्नी र्स्टाट हुई हम मैदान में जाते हैं अच्छे कोच की जरूरत होती है हमने सोचा था ‍हम अपने कोच को यहॉ भेंजेंगे ताकि वे 100 टीचर्स को प्रशिक्षण दें ।

सचिन तेंदुलकर  ने अपने पिता का भी जिक्र किया और कहा कि पिता जी ने एडवाइस दी कि क्रिकेट कितने साल चलेगा मैंने कहा 10-15 साल, मेरे पिता ने कहा था उसके बाद.. आप अच्छे इंसान बनें ता‍क लोग आपको याद रखें ।

Bastar Visit Sachin Tendulkar : बच्चों ने खेले कई खेल

स्वामी आत्मानंद स्कूल में मानदेसी फाउंडेशन द्वारा तैयार किया था जो खेल मैदान उसके लोकर्पण के लिये जब सचिन सह परिवार आए तो उन्होंने वॉलीबॉल खेला और रस्सा-खींच प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था । बच्चों के साथ घुलमिलकर अपने अंदाज में खेलते हुए वीडियो वायरल हुई थी ।

Sachin Tendulkar ने मनाया जन्मदिन बच्चों के साथ :

सचिन तेंदुलकर जी ने अपना जन्म दिन भी खास तरीके के साथ मनाया जो यादगार हुआ । दरअसल स्वामी आत्मानंद स्कूल में मानदेसी फाउंडेशन द्वारा तैयार किये गये खेल के मैदान में सचिन तेंदुलकर सारा तेंदुलकर और उनकी बहु सानिया तेंदुलकर ने बच्चों के साथ वॉलीबॉल खेला और रस्सा-खींच प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया. बच्चों के साथ घुल-मिलकर खेलते सचिन का यह अंदाज़ सभी के लिए यादगार पल बन गया.

दंतेवाड़ा में सचिन तेंदुलकर का जन्मदिन

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्मदिन के अवसर पर अग्रिम केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं. पूरा परिसर “जन्मदिन मुबारक हो” के नारों से गूंज उठा, जिससे माहौल भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बन गया. सचिन ने बच्चों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास है.

बस्तर आर्ट से रूबरू हुए सचिन तेंदुलकर

Bastar कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प भेंट किया, वहीं ग्रामवासियों ने पारंपरिक लौह शिल्प की कलाकृतियां देकर उनका सम्मान किया. साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सचिन के हाथों सम्मानित किया गया, जो बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया. इसके साथ ही उन्होंनें बस्तर के आर्ट कल्चर को भी अपना लिया था जब उन्हें भेंट मिला ।

Bastar Visit Sachin Tendulkar फाउंडेशन कर रहा ये काम :

सचिन तेदुंलकर फाउंडेशन भारत के जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करने के लिये एक संस्‍था है। संस्था का प्रयास रहा है कि हर बच्चे को सफलता का अवसर मिले मिले इसके लिये जो आवश्यक्ता है वह संसाधन मिले। यह संस्था शिक्षा खेल और स्वास्थ्य के लिये कार्यरत है । ऐसे ही जानकारी के लिये हमारे वेबसाईट से जुड़े रहिये ।