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chhattisgarh new assembly : परंपरा और आधुनिकता का संगम

chhattisgarh new assembly – छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करते हुए एक ऐतिहासिक अध्याय रचा है। राज्य की नई राजधानी नवा रायपुर में अब ऐसा प्रतीक खड़ा हुआ है, जो विकास, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण – तीनों का संगम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया, जिससे राज्य की नई पहचान और गौरव का सूत्र जुड़ गया। यह सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि आधुनिक भारत में उभरते छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का प्रतीक है।

नवा रायपुर का यह भवन देश के उन कुछ चुनिंदा परिसरों में शामिल है जो ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांतों पर आधारित हैं। यहां सौर ऊर्जा से पूरी तरह संचालित व्यवस्था, जल संरक्षण तंत्र और प्राकृतिक रोशनी की समुचित व्यवस्था इसे “भविष्य का विधानसभा भवन” बनाती है। यह न केवल वास्तुकला की दृष्टि से उत्कृष्ट है बल्कि छत्तीसगढ़ की लोककला, धरोहर और आत्मा को भी अपने अंदर समेटे हुए है।

chhattisgarh new assembly ग्रीन बिल्डिंग की मिसाल

नवा रायपुर स्थित यह नया विधानसभा भवन पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों पर आधारित एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर है और इसमें उन्नत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। भवन का डिजाइन ऐसा है कि दिनभर प्राकृतिक रोशनी अंदर बनी रहती है, जिससे बिजली की खपत न्यूनतम रहती है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस भवन के निर्माण में “सस्टेनेबल डेवलपमेंट” की अवधारणा को प्राथमिकता दी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह भवन न केवल ऊर्जा-संरक्षण का प्रतीक है बल्कि आने वाले वर्षों में अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल भी साबित होगा। स्थानीय सामग्रियों और पारंपरिक शिल्प को ध्यान में रखते हुए इसे डिजाइन किया गया, जिससे यह भवन आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक जड़ों के बीच सेतु का काम करता है।

सांस्कृतिक पहचान और वास्तु कला का संगम

करीब 51 एकड़ क्षेत्र में फैला यह विधानसभा भवन राज्य की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाता है। लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत से बने इस परिसर में 13 आकर्षक गुंबद हैं जिन पर धान की बालियों की नक्काशी की गई है — जो छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि का प्रतीक है।

वास्तुविद संदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में इस भवन को तैयार किया गया है। इसका डिजाइन पारंपरिक भारतीय महलों की शैली में बनाया गया है, जिसमें आधुनिक सुविधाएं सहजता से समाहित हैं। भवन के विभिन्न हिस्सों में बस्तर और सरगुजा की जनजातीय कलाओं को उकेरा गया है, जो इसे राज्य की लोकसंस्कृति से जोड़ती हैं। इस तरह यह नया विधानसभा भवन न केवल प्रशासनिक ढांचा है बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है।

chhattisgarh new assembly 3 वर्षों में साकार हुआ सपना

इस भव्य भवन की नींव अगस्त 2020 में रखी गई थी, और केवल तीन वर्षों में इसे पूरी तरह तैयार कर लिया गया। अगस्त 2022 में निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ा और अब यह परिसर छत्तीसगढ़ की नई प्रशासनिक पहचान के रूप में खड़ा है।

इस भवन की बनावट में कहीं न कहीं राष्ट्रपति भवन की झलक भी दिखाई देती है। इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए परंपरा को संरक्षित रखा गया है। दीवारों पर बस्तर की धातुकला और सरगुजा की चित्रकला जैसे तत्व देखने को मिलते हैं। यह भवन एक ऐसे भविष्य की ओर संकेत करता है जहाँ परंपरा और प्रगति दोनों साथ चलते हैं।

chhattisgarh new assembly भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार ढांचा

वर्तमान में छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 विधायकों की व्यवस्था है, लेकिन इस नए भवन में 120 सदस्यों के बैठने की क्षमता रखी गई है। इसका अर्थ है कि आने वाले दशकों में जब राज्य का प्रशासनिक ढांचा और बड़ा होगा, तो भी इस भवन को किसी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

पूरा परिसर तीन मुख्य ब्लॉकों — ए, बी और सी — में विभाजित है। ब्लॉक ए में सचिव, उप सचिव और प्रशासनिक शाखाएं हैं। ब्लॉक बी में मुख्य विधानसभा सभागार, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के कक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय, सेंट्रल हॉल और मेंबर्स लाउंज शामिल हैं। वहीं ब्लॉक सी में मंत्रियों और विधायकों के लिए विश्राम कक्षों के साथ-साथ अस्पताल, बैंक, डाकघर और रेलवे आरक्षण केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह सब मिलकर इसे एक पूर्ण प्रशासनिक टाउनशिप बनाते हैं।

chhattisgarh new assembly history – आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर

नए विधानसभा भवन में 500 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, उच्च तकनीकी लाइब्रेरी, कैबिनेट मीटिंग हॉल और एक आर्ट गैलरी भी है। यहां संसद भवन की तर्ज पर तैयार सेंट्रल हॉल राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे की गरिमा को और बढ़ाता है।

सबसे खास बात यह है कि यह भवन पेपरलेस वर्क सिस्टम को बढ़ावा देता है। यानी यहां विधायी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होंगे। यह न केवल प्रशासनिक कार्यों को तेज करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। पूर्व विधायकों के लिए भी यहां विशेष बैठने की सुविधा दी गई है, जो अनुभव और परंपरा का सम्मान दर्शाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का निर्माण कब शुरू हुआ था?
उत्तर: इसकी नींव अगस्त 2020 में रखी गई थी और अगस्त 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। करीब तीन वर्षों में यह भवन तैयार हुआ।

प्रश्न 2: नया विधानसभा भवन कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह भवन छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर में स्थित है, जो राज्य की प्रशासनिक गतिविधियों का नया केंद्र है।

प्रश्न 3: chhattisgarh new assembly भवन की खासियत क्या है?
उत्तर: यह भवन सौर ऊर्जा से संचालित ग्रीन बिल्डिंग है, जिसमें पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण तीनों का समावेश है।

प्रश्न 4: इसमें कितने विधायकों की व्यवस्था है?
उत्तर: वर्तमान में 90 विधायकों की सीटें हैं, लेकिन भविष्य को देखते हुए 120 सदस्यों की क्षमता रखी गई है।

प्रश्न 5: भवन की कुल लागत कितनी है?
उत्तर: इस भवन के निर्माण पर लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत आई है।

निष्कर्ष

chhattisgarh new assembly history सिर्फ एक वास्तु कहानी नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रगति, पर्यावरण जागरूकता और सांस्कृतिक गर्व की जीवंत मिसाल है। नवा रायपुर में खड़ा यह नया विधानसभा भवन आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूती देगा।

chhattisgarh new assembly भवन एक ऐसा प्रतीक बन चुका है जो यह दर्शाता है कि जब परंपरा और तकनीक साथ मिलते हैं, तो विकास का एक नया स्वरूप जन्म लेता है। छत्तीसगढ़ की यह “नई विधानसभा” न केवल प्रशासनिक केंद्र है, बल्कि एक प्रेरणा भी है — आधुनिक भारत के हर राज्य के लिए।

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