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Korba News Today : कोरबा जनता तक पहुंची राजस्व सेवा

Korba News Today : छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही कोरबा जिले की विकास यात्रा ने बीते 25 वर्षों में एक नया अध्याय लिखा है। वर्ष 2000 में जब राज्य बना था, तब कोरबा जिले में केवल चार तहसीलें — कोरबा, करतला, कटघोरा और पाली — ही हुआ करती थीं। उस समय सीमित प्रशासनिक ढांचे और संसाधनों की वजह से ग्रामीण अंचलों के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। आज, korba news today के अनुसार, यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रशासनिक दृष्टि से जिले ने जबरदस्त विस्तार किया है, जिससे अब हर गांव तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हुई है।

राज्य सरकार की निरंतर पहल और जिलाधिकारी श्री अजीत वसंत के नेतृत्व में कोरबा जिले में प्रशासनिक दक्षता और जनता की सुविधा दोनों में व्यापक सुधार देखा गया है। बीते वर्षों में न केवल नई तहसीलें गठित हुईं, बल्कि राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण और समयबद्ध निराकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

कोरबा जिले का प्रशासनिक विस्तार: गांव-गांव तक शासन की पहुँच

वर्ष 2000 में जहाँ कोरबा जिले में सिर्फ चार तहसीलें थीं, वहीं अब जिले में कुल 12 तहसीलें कार्यरत हैं — कोरबा, करतला, कटघोरा, पाली, पोड़ीउपरोड़ा, अजगरबहार, भैसमा, बरपाली, दर्री, दीपका, हरदीबाजार और पसान। यह विस्तार केवल संख्या में वृद्धि नहीं, बल्कि जनता तक शासन की पहुँच का प्रतीक है।

chhattisgarh सरकार ने बढ़ती जनसंख्या और ग्रामीण अंचलों की जरूरतों को देखते हुए समय-समय पर नई तहसीलों का गठन किया। Korba news today के अनुसार, पोड़ीउपरोड़ा तहसील का गठन वर्ष 2008 में हुआ, जबकि हाल के वर्षों में हरदीबाजार (2020), दर्री (2020), अजगरबहार, भैसमा, बरपाली, दीपका और पसान (सभी 2022) तहसीलों को मंजूरी मिली।

नई तहसीलों के गठन से ग्रामीणों को अब अपने राजस्व मामलों के समाधान के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ता। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सफलता

राजस्व सेवाओं में सुधार की वास्तविक झलक आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखती है। वर्ष 2023–24 में कोरबा जिले में 12,578 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 5,828 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। वहीं, वर्ष 2024–25 में यह आंकड़ा और भी प्रभावशाली रहा — 16,565 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 12,642 का निपटारा किया गया, जो 76.31% की उत्कृष्ट सफलता दर को दर्शाता है।

कलेक्टर श्री अजीत वसंत की पहल से हर 15 दिनों में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाता है। उनकी प्राथमिकता यह है कि कोई भी ग्रामीण अपने अधिकार से वंचित न रहे और हर आवेदन का समाधान तय समय में मिले।

यह निरंतर निगरानी और पारदर्शी प्रशासनिक दृष्टिकोण ही है जिसने कोरबा को छत्तीसगढ़ के सबसे बेहतर राजस्व जिलों में शामिल कर दिया है।

Korba news today : स्वामित्व योजना से बढ़ा ग्रामीणों का आत्मविश्वास

सरकार की स्वामित्व योजना ने कोरबा जिले के ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता की नई राह दी है। अब तक जिले में 9,114 अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चुका है। आने वाले 1 नवंबर 2025 को और 5,500 अभिलेखों का वितरण किया जाएगा।

इस योजना से ग्रामीणों को अपने भू-स्वामित्व का वैध दस्तावेज प्राप्त होता है, जिससे न केवल उनकी संपत्ति सुरक्षित होती है बल्कि बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं में उन्हें लाभ मिलना भी आसान होता है।

Korba news today के अनुसार, इस पहल ने ग्रामीणों के बीच भरोसे का माहौल बनाया है और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने में मदद की है।

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शासन की जवाबदेही और पारदर्शिता का नया मॉडल

कोरबा जिले में प्रशासनिक सुधार केवल कार्यालय तक सीमित नहीं है। तहसील स्तर पर ई-रजिस्ट्री, ऑनलाइन आवेदन और जनचौपाल जैसी पहलें अब ग्रामीण प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं।

कलेक्टर की समीक्षा बैठकों में प्रत्येक अधिकारी को यह निर्देश दिया जाता है कि वे अपने क्षेत्र के लंबित राजस्व प्रकरणों की नियमित रिपोर्ट दें और आवेदनों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें।

यह प्रशासनिक प्रणाली “जनता की दहलीज पर शासन” की भावना को साकार कर रही है। अब ग्रामीण अपने दस्तावेज, नामांतरण या सीमांकन जैसे कार्यों के लिए दिनों तक दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाते।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: कोरबा जिले में वर्तमान में कितनी तहसीलें हैं?
उत्तर: वर्तमान में कोरबा जिले में कुल 12 तहसीलें हैं — कोरबा, करतला, कटघोरा, पाली, पोड़ीउपरोड़ा, अजगरबहार, भैसमा, बरपाली, दर्री, दीपका, हरदीबाजार और पसान।

प्रश्न 2: राजस्व प्रकरणों के निपटारे की दर कितनी रही है?
उत्तर: वर्ष 2024–25 में कोरबा जिले में 76.31% प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।

प्रश्न 3: स्वामित्व योजना के तहत कितने अभिलेख वितरित किए गए हैं?
उत्तर: अब तक 9,114 अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं और 1 नवंबर 2025 को 5,500 और दिए जाएंगे।

प्रश्न 4: नई तहसीलों का गठन कब हुआ?
उत्तर: हाल ही में गठित तहसीलों में हरदीबाजार (2020), दर्री (2020), अजगरबहार, भैसमा, बरपाली, दीपका और पसान (2022) शामिल हैं।

निष्कर्ष

Korba news today का यह अध्याय केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि जनता की पहुंच में शासन के सशक्त मॉडल की मिसाल है। बीते 25 वर्षों में कोरबा जिले ने जिस तरह से प्रशासनिक ढांचा मजबूत किया है, वह राज्य में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहा है।

राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटान से लेकर स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन तक, कोरबा ने साबित किया है कि सही नीयत और सशक्त नेतृत्व से शासन जनता तक पहुंचाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में यह प्रयास जिले को और भी सशक्त बनाएंगे — एक ऐसा कोरबा, जहाँ जनता की आवाज सीधे शासन तक पहुँचती है और शासन की नीतियाँ सीधे जनता के द्वार तक।

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