new labour code 2025 scheme in hindi भारत आज़ादी के बाद होने वाले सबसे बड़े श्रम सुधारों में से एक के करीब है। चार नई श्रम संहिताएं- वेतन संहिता (वेज़ कोड), इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और ऑक्युपेशनल सेफ़्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड- अब लागू हो चुके हैं। इन संहिताओं का उद्देश्य पुराने और जटिल 29 केंद्रीय मज़दूरी क़ानूनों की जगह एक सरल, तकनीक-आधारित और मज़दूर-केंद्रित व्यवस्था स्थापित करना है।
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यह सुधार सिर्फ़ प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि एक बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन है, जो यह दिखाता है कि भारत एक न्यायपूर्ण, प्रतिस्पर्धी, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यही प्रणाली आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार देती है।
new labour code 2025 scheme क्या है?
new labour code 2025 scheme (न्यू लेबर कोड 2025 स्कीम) भारत सरकार की एक व्यापक योजना है, जिसके माध्यम से देश के सभी श्रम कानूनों को एकीकृत कर एक सरल, पारदर्शी और आधुनिक प्रणाली बनाई जाएगी। वर्तमान में भारत में 40 से अधिक श्रम कानून लागू हैं, जिनमें वेतन, काम के घंटे, सुरक्षा, श्रमिक अधिकार, बोनस, छुट्टियाँ जैसी कई अलग-अलग व्यवस्थाएँ शामिल हैं।
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new labour code 2025 scheme इन सभी नियमों को 4 प्रमुख कोड में बदलकर कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा और कंपनियों के लिए नियमों का पालन आसान करेगा। ये 4 कोड हैं:
- वेज कोड
- सोशल सिक्योरिटी कोड
- इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड
- ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ कोड
इस योजना से कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा, स्थिर वेतन, सुरक्षित काम के घंटे, अतिरिक्त छुट्टियाँ और PF-ग्रेच्युटी में सुधार का लाभ मिलेगा। साथ ही कंपनियों को भी नियमों का एक統ित सेट मिल जाएगा, जिससे उद्योगिक विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
Key Highlights (मुख्य बिंदु)
new labour code 2025 scheme के कुछ महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव इस प्रकार हैं:
● काम के घंटे (Working Hours) – 8 घंटे के हिसाब से व्यवस्था बनेगी और 48 घंटे साप्ताहिक नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा।
● ओवरटाइम भुगतान (Overtime Rules) – 15–30 मिनट से ज्यादा अतिरिक्त काम भी ओवरटाइम में गिना जाएगा।
● साप्ताहिक अवकाश (Weekly Off) – यदि कोई कर्मचारी 48 घंटे पूरे कर लेता है तो उसे 3 दिन तक का वीक ऑफ मिल सकता है।
● न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) – हर राज्य में एक समान न्यूनतम वेतन संरचना तय की जाएगी।
● PF और ग्रेच्युटी (PF & Gratuity) – बेसिक सैलरी बढ़ने से PF का योगदान ज्यादा होगा, जिससे रिटायरमेंट राशि बढ़ेगी।
● महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानक – नाइट शिफ्ट में सुरक्षा अनिवार्य होगी और सुविधाएँ बेहतर होंगी।
● गिग वर्कर्स व फ्रीलांसरों को लाभ – पहली बार गिग वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा के लाभों में शामिल किया गया है।
ये सभी प्रावधान रोजगार क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कर्मचारी-हितैषी बनाते हैं।
new labour code 2025 scheme का उद्देश्य
सरकार द्वारा new labour code 2025 scheme (न्यू लेबर कोड 2025 स्कीम) लाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय श्रम व्यवस्था को आधुनिक, आसान और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है।
पिछले कई दशकों से पुराने श्रम कानूनों के कारण कर्मचारियों और कंपनियों दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था—जैसे अलग-अलग राज्यों में अलग नियम, जटिल दस्तावेज़ीकरण, ओवरटाइम की अस्पष्ट व्यवस्था, PF और वेतन कटौती में भ्रम, तथा असंगठित सेक्टर में कर्मचारियों के लिए सुरक्षा का अभाव।
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new labour code 2025 scheme के उद्देश्य:
- सभी श्रम कानूनों को एक सरल और統ित मॉडल में लाना
- कर्मचारियों की सुरक्षा, वेतन और लाभों को मजबूत करना
- संगठित और असंगठित क्षेत्रों के बीच अंतर को कम करना
- उद्योगों के विकास को आसान बनाना
- श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना
- gig workers और platform workers को योजनाओं के दायरे में लाना
- महिलाओं के लिए सुरक्षित और समान अवसर वाला कार्य वातावरण बनाना
इस योजना से रोजगार की गुणवत्ता में सुधार होगा और देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
new labour code 2025 scheme से मिलने वाला लाभ और चयन प्रक्रिया
new labour code 2025 scheme कर्मचारियों, श्रमिकों और कंपनियों सभी के लिए लाभकारी है।
योजना से मिलने वाले लाभ:
- बेहतर वेतन संरचना – बेसिक वेतन बढ़ने से PF, बोनस और ग्रेच्युटी बढ़ेगी।
- निश्चित काम के घंटे – अब 8 घंटे दैनिक और 48 घंटे साप्ताहिक नियम स्पष्ट और अनिवार्य होगा।
- ओवरटाइम का सही भुगतान – अतिरिक्त काम का उचित भुगतान मिलेगा।
- महिलाओं के लिए अधिक अवसर – सुरक्षित नाइट शिफ्ट और बराबर वेतन।
- गिग वर्कर्स को पहली बार लाभ – स्विगी, जोमैटो, ओला-उबर जैसे प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सुरक्षा मिलेगी।
- सेफ्टी और हेल्थ सुधार – कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में सुधार होगा।
- सामाजिक सुरक्षा कवर बढ़ेगा – जैसे PF, ESI, इंश्योरेंस, रिटायरमेंट लाभ आदि।
new labour code 2025 चयन प्रक्रिया (Implementation Process)
इस योजना में किसी तरह की भर्ती प्रक्रिया नहीं है। यह पूरे देश में लागू होने वाला नया श्रम कानून है।
इसकी चयन प्रक्रिया का अर्थ है—किस तरह इसे लागू किया जाएगा:
- राज्यों द्वारा नियम-उप-नियम तैयार किए जाएंगे।
- कंपनियों को नए कोड के अनुसार अपने HR सिस्टम अपडेट करने होंगे।
- कर्मचारियों के वेतन और समय-सारिणी को कोड के अनुसार बदला जाएगा।
- PF और सुरक्षा लाभ स्वतः नए फॉर्मेट में लागू होंगे।
new labour code 2025 scheme के लिए पात्रता मानदंड
क्योंकि यह कोई विशेष योजना नहीं बल्कि श्रम कानून सुधार है, इसलिए इसके पात्रता मानदंड बहुत व्यापक हैं।
● यह योजना सभी कर्मचारियों व श्रमिकों पर लागू होगी—
- प्राइवेट सेक्टर कर्मचारी
- फैक्ट्री व इंडस्ट्री वर्कर्स
- दुकानों व प्रतिष्ठानों के कर्मचारी
- असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
- गिग वर्कर्स व प्लेटफॉर्म वर्कर्स
- महिला कर्मचारी
- कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स
● नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए— उन्हें अपने पेरोल, HR सिस्टम, टाइम मैनेजमेंट सिस्टम और नीतियों को नए कोड के अनुसार अपडेट करना होगा।
इसलिए इस योजना की पात्रता व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे रोजगार सिस्टम पर लागू होती है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. new labour code 2025 scheme कब लागू होगी?
सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। राज्यों द्वारा नियम तैयार होने के बाद यह पूर्ण रूप से लागू होगी।
Q2. क्या कर्मचारियों को ज्यादा छुट्टियाँ मिलेंगी?
हाँ, छुट्टियों की संख्या और साप्ताहिक ऑफ के नियम मजबूत किए गए हैं।
Q3. क्या वेतन में कटौती होगी?
नहीं, बल्कि PF बढ़ने से इन-हैंड थोड़ा कम और रिटायरमेंट लाभ ज्यादा होंगे।
Q4. क्या ओवरटाइम के पैसे बढ़ेंगे?
हाँ, 15 मिनट से अधिक का काम अब ओवरटाइम में गिना जाएगा।
Q5. क्या महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी?
हाँ, पर सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी।
निष्कर्ष
new labour code 2025 scheme (न्यू लेबर कोड 2025 स्कीम) भारत के रोजगार क्षेत्र में दशकों बाद होने वाला सबसे बड़ा सुधार है। इससे कर्मचारियों को सुरक्षित काम के घंटे, बेहतर वेतन संरचना, PF-ग्रेच्युटी में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा का बड़ा लाभ मिलेगा। वहीं कंपनियों को सरल और統ित नियम मिलने से इंडस्ट्री का विकास भी तेज होगा। छात्रों, युवाओं और नौकरी करने वाले लोगों के लिए यह सुधार बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले वर्षों में रोजगार मॉडल, नौकरी का वातावरण, वेतन संरचना और सुरक्षा मानक पूरी तरह बदलने वाले हैं।
Disclaimer :
यह लेख केवल शैक्षणिक व सामान्य जानकारी हेतु है। अधिकृत जानकारी के लिए संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर ही विजिट करें।
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