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shramik annapurna yojana 2025: मजदूरों के लिए मुफ्त भोजन

भारत जैसे देश में लाखों मजदूर रोज़ अपनी मेहनत से देश की अर्थव्यवस्था को चलाते हैं, लेकिन कई बार उन्हें खुद के भोजन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। खासकर निर्माण स्थल, फैक्ट्री या बाजार क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को दिनभर की मेहनत के बाद सस्ता और पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता। ऐसे में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना (Shramik Annapurna Yojana) सरकार की एक मानवीय और सराहनीय पहल है।

इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी श्रमिक भूखा न रहे और उसे सस्ता, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर मिल सके। श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के तहत मजदूरों को बहुत ही कम कीमत पर या कई जगहों पर मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना समाज में समानता और सम्मान की भावना को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।

राज्य सरकारों का मानना है कि अगर श्रमिकों को पौष्टिक भोजन मिलेगा तो वे और बेहतर ढंग से काम कर पाएंगे, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और समाज में खुशहाली आएगी। यही कारण है कि श्रमिक अन्नपूर्णा योजना को श्रमिक वर्ग की आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है।

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना क्या है?

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना एक सामाजिक कल्याण योजना है, जिसे राज्य सरकारों द्वारा विशेष रूप से मजदूरों, निर्माण कर्मियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत मजदूरों को कार्यस्थल के पास या नगर निगम द्वारा संचालित कैंटीनों में सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

कई राज्यों में यह योजना “₹5 थाली योजना” या “मुफ्त भोजन योजना” के रूप में लागू की गई है, जहां मजदूर मात्र ₹5 या मुफ्त में भोजन प्राप्त कर सकते हैं। भोजन में आमतौर पर चावल, दाल, सब्ज़ी और रोटी शामिल होती है।

सरकार का उद्देश्य सिर्फ भूख मिटाना नहीं बल्कि मजदूरों के स्वास्थ्य को बनाए रखना और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाना भी है। यही कारण है कि Shramik Annapurna Yojana को “मजदूरों के सम्मान और स्वास्थ्य” से जोड़कर देखा जा रहा है।

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का उद्देश्य

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के उस वर्ग को सशक्त बनाना है जो अपने पसीने से देश का विकास करता है लेकिन खुद के लिए एक पौष्टिक भोजन की गारंटी नहीं पा पाता।

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

मजदूरों को मुफ्त या कम दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना।

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।

भूखमरी और कुपोषण की समस्या को खत्म करना।

श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन स्तर को बढ़ाना।

राज्य सरकार की ओर से मानवीय और सामाजिक न्याय की दिशा में कदम उठाना।

इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी श्रमिक भूख के कारण अपना काम बंद न करे या बीमार न पड़े। इसलिए Shramik Annapurna Yojana को “श्रमिकों की थाली तक सरकारी मदद” की पहल कहा जाता है।

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के लिए पात्रता (Eligibility)

Shramik Annapurna Yojana का लाभ केवल उन लोगों को मिलता है जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। पात्रता इस प्रकार है –

आवेदक राज्य का निवासी (Domicile) होना चाहिए।

केवल पंजीकृत श्रमिक या निर्माण मजदूर ही इस योजना के लाभ के पात्र हैं।

श्रमिक की आय निर्धारित सीमा (₹2.5 लाख प्रतिवर्ष या उससे कम) के भीतर होनी चाहिए।

मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला हो जैसे – निर्माण कार्य, लोडिंग-अनलोडिंग, ड्राइवर, रिक्शा चालक आदि।

आवेदक के पास श्रमिक पहचान पत्र या श्रमिक पंजीकरण कार्ड होना आवश्यक है।

इस पात्रता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Shramik Annapurna Yojana का लाभ वास्तव में जरूरतमंद मजदूरों तक पहुंचे।

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के फायदे (Benefits)

Shramik Annapurna Yojana के लाभ न केवल आर्थिक हैं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य से भी जुड़े हैं।

मुफ्त या सस्ता भोजन: मजदूरों को ₹5 या मुफ्त में दोपहर और रात का भोजन मिलता है।

स्वास्थ्य लाभ: पौष्टिक भोजन मिलने से कुपोषण और कमजोरी की समस्या कम होती है।

आर्थिक राहत: मजदूरों का रोज़ाना ₹50–₹100 का खर्च बचता है, जिससे वे अन्य आवश्यकताओं पर खर्च कर सकते हैं।

कार्य क्षमता में वृद्धि: सही पोषण मिलने से श्रमिकों की ऊर्जा और काम करने की क्षमता बढ़ती है।

सामाजिक सम्मान: मजदूरों को समाज में बराबरी और सम्मान का भाव मिलता है।

सुविधा की पहुंच: यह योजना नगर निगम, पंचायत भवन, निर्माण स्थलों और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में लागू की जा रही है ताकि मजदूरों को आसानी से भोजन मिल सके।

इस योजना के चलते लाखों मजदूरों को न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि उन्होंने इसे “सरकार की मानवीय योजना” कहा है।

क्रमांकराज्य का नामयोजना का नाम / रूपमुख्य लाभशुल्क / मूल्य
1छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)श्रमिक अन्नपूर्णा योजनानिर्माण श्रमिकों को मुफ्त भोजनमुफ्त (₹0)
2मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)मुख्यमंत्री श्रमिक भोजन योजनाअसंगठित मजदूरों को पौष्टिक भोजन₹5 प्रति थाली
3राजस्थान (Rajasthan)इंदिरा रसोई योजनागरीब व श्रमिक वर्ग के लिए सस्ता भोजन₹8 प्रति थाली
4उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)अन्नपूर्णा रसोई योजनादैनिक मजदूरों और गरीब वर्ग के लिए भोजन₹5 प्रति थाली
5बिहार (Bihar)श्रमिक भोजन सहायक योजनाअसंगठित मजदूरों को भोजन सहायता₹5 प्रति थाली
6झारखंड (Jharkhand)मुख्यमंत्री दाल-भात योजनागरीब श्रमिकों के लिए सस्ता भोजन₹5 प्रति प्लेट
7महाराष्ट्र (Maharashtra)शिवभोजन योजनामजदूरों के लिए सस्ती थाली₹10 प्रति थाली
8दिल्ली (Delhi)आप रसोई योजनाश्रमिकों और गरीबों को सस्ता भोजन₹5 प्रति थाली
9पश्चिम बंगाल (West Bengal)माँ रसोई योजनागरीबों व दैनिक मजदूरों को पौष्टिक भोजन₹5 प्रति थाली
10तमिलनाडु (Tamil Nadu)अम्मा कैंटीन योजनामजदूरों व गरीबों को कम दाम पर खाना₹5 से ₹10 प्रति भोजन

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना आवेदन प्रक्रिया

Shramik Annapurna Yojana का लाभ लेने के लिए दो तरह की प्रक्रिया है – ऑनलाइन और ऑफलाइन।

ऑनलाइन प्रक्रिया:

  1. संबंधित राज्य की श्रम विभाग वेबसाइट पर जाएं।
  2. Shramik Annapurna Yojana Registration” पर क्लिक करें।
  3. आवेदन फॉर्म में नाम, पता, मोबाइल नंबर और श्रमिक आईडी भरें।
  4. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  5. सबमिट करने के बाद आवेदन नंबर नोट करें ताकि आप स्टेटस देख सकें।

ऑफलाइन प्रक्रिया:

  1. अपने जिले के श्रम विभाग कार्यालय या निकटतम कैंटीन केंद्र पर जाएं।
  2. फॉर्म प्राप्त कर सभी जानकारी भरें और दस्तावेज़ संलग्न करें।
  3. अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद लाभार्थी सूची में नाम जुड़ जाता है।

इसके बाद श्रमिक निर्धारित कैंटीन या भोजन केंद्र से योजना का लाभ उठा सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज़ (Documents Required)

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card)
  • निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
  • श्रमिक पंजीकरण कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर / बैंक खाता विवरण

इन दस्तावेज़ों की जांच के बाद ही मजदूर को योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।

लाभार्थी चयन प्रक्रिया (Selection Process)

Shramik Annapurna Yojana के तहत चयन प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल प्रणाली पर आधारित है।

  1. आवेदन मिलने के बाद अधिकारी दस्तावेज़ों का सत्यापन करते हैं।
  2. श्रमिक की पंजीकरण स्थिति और आय की जांच की जाती है।
  3. योग्य पाए जाने पर नाम लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में जोड़ा जाता है।
  4. चयनित मजदूर को कैंटीन या भोजन केंद्र से पहचान पत्र दिखाकर भोजन प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।

यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मॉनिटर की जाती है ताकि किसी भी प्रकार की धांधली या देरी न हो।

निष्कर्ष – श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का महत्व

Shramik Annapurna Yojana सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह मजदूरों के सम्मान और जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल लाखों श्रमिकों को भोजन की चिंता से मुक्ति मिली है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में भी सुधार आया है।

यह योजना यह संदेश देती है कि देश के निर्माण में जो मजदूर अपनी मेहनत से ईंट-पत्थर जोड़ते हैं, उन्हें भी समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ शामिल किया जाना चाहिए। आने वाले समय में अगर इस योजना को हर जिले और गांव तक पहुंचाया गया, तो निश्चित रूप से यह भारत में “भूख मुक्त समाज” की दिशा में सबसे बड़ी पहल साबित होगी।

नोट: संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाईट से भी जानकारी लेवे हमारा इरादा आपको केवल जानकारी देना है।

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