cg news congress : रायपुर – कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री bhupesh baghel, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने राजीव भवन में संयुक्त पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ( bhupesh baghel) ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा की है, हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं। सभी को करना चाहिए। केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की बैठक में और उसके बाद अमित शाह जी ने जो कुछ कहा वह सिर्फ़ झूठ का पुलिंदा है। स्पष्ट दिखता है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने अमित शाह को बस्तर के बारे में झूठी जानकारी दी है जिससे वे भ्रमित हो गए।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अमित शाह सच्चाई से मुंह मोड़ रहे। सच यह है कि 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस की सरकार ने बस्तर में नक्सली उन्मूलन की दिशा में ठोस कार्य किया और उसी के दम पर वर्तमान सरकार सफलता पूर्वक नक्सली अभियान चला पाई।

अमित शाह जी ने ख़ुद जाकर बस्तर के एक कैंप का औचक निरीक्षण किया था और देखा था कि किस तरह कैंप में बिजली, राशन की दुकान, खेल का मैदान आदि काम कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बात भी की थी और संतुष्ट होकर लौटे थे। सच यह है 2022 में ख़ुद अमित शाह ने माना था कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली घटनाओं में बहुत प्रतिशत की कमी आई है। सच यह है कि अमित शाह जी ने 2022 की क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद कहा था, ‘‘वामपंथी उग्रवाद की समस्या अब छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक ही सीमित है। जब 2009 में वामपंथी उग्रवादी हिंसा (

Left Wing Extremism चरम पर थी तब वामपंथी उग्रवादी हिंसक घटनाओं की संख्या 2258 थी जो 2021 में घटकर 509 हो गई। उन्होंने कहा कि 2019 से वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में बहुत तेजी से कमी आई है। 2009 में वामपंथी उग्रवादी हिंसा में 1005 लोगों की मृत्यु हुई थी जबकि 2021 में 147 लोगों की जान गई।

श्री शाह ने कहा कि इस दौरान पुलिस थानों पर वामपंथी उग्रवादी हिंसा में भी कमी आई है, 2009 में ऐसी 96 घटनाएं हुई थी जो कि 2021 में कम होकर 46 हो गई।’’ सच यह है कि आरपीएफ के डीजीपी ने भी कहा था कि अब नक्सली पैक-अप की तैयारी कर रहे हैं।

सच यह है कि कांग्रेस की सरकार ने बस्तर में सुरक्षा बलों के कैंप खोलने और सड़क बनाने का काम खामोशी से करना शुरु किया था और इससे बस्तर की तस्वीर बदलने लगी थी।

सच यह है कि केंद्र सरकार लगातार हमारे कामों पर निगरानी रखे हुए थी और हर बैठक में केंद्र सरकार ने हमारी सरकार के कामकाज की तारीफ ही की।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अमित शाह जी को उनके अपने मंत्रालय और राज्य सरकार ने यह नहीं बताया कि कांग्रेस की सरकार के रहते ही बस्तर का कोंडागांव जिला और बस्तर के 600 गांव नक्सल मुक्त घोषित हो चुके थे। अमित शाह जी ने कहा कि नक्सलवाद की वजह से स्कूल बंद हुए। यह बात सही है लेकिन अमित शाह यह बताना भूल गए कि 400 स्कूल भाजपा की रमन सिंह सरकार के बीच बंद हुए।

राज्य भर में 10,463 स्कूल बंद करने का निर्णय

अमित शाह का झूठ यह है कि उन्होंने बस्तर में नए सिरे से स्कूल खोलने शुरू किए। सच यह है कि कांग्रेस की सरकार के दौरान बस्तर में बंद हुए स्कूलों में से 275 स्कूल फिर से खुल गए थे। अमित शाह को यह नहीं बताया गया कि राज्य की साय सरकार ने राज्य भर में 10,463 स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है जिसमें से 1,163 स्कूल बस्तर संभाग के ही हैं।

यह तो कहा कि लोगों को अनाज नहीं मिलता था, लेकिन राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने अमित शाह को यह नहीं बताया कि बस्तर संभाग के सात जिलों में 2023 के अंत तक कुल 1538 पीडीएस यानी राशन की दुकानें काम कर रही थीं। बस्तर में 338, कांकेर में 412, कोंडागांव में 312, दंतेवाड़ा में 152, सुकमा में 138, बीजापुर में 114 और नारायणपुर में 62 राशन की दुकानें काम कर रही थीं।

अमित शाह को साय सरकार ने यह नहीं बताया कि इन राशन की दुकानों से 2023 के अंत में कुल 21,200 मिट्रिक टन चावल का वितरण प्रति माह हो रहा था। अमित शाह को छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार यह भी बताना भूल गई कि छत्तीसगढ़ में अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति परिवार को 35 किलो चावल मिल रहा था। अगर अमित शाह को 35 किलो चावल की बात बताई गई होती तो वे सात किलो चावल भिजवाने की बात नहीं करते।

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अगर राज्य की साय सरकार ने सही जानकारी दी होती तो अमित शाह जी को यह पता होता कि राज्य में पहले से ही आदिवासियों को 20 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मिल रहा है। क्या अमित शाह जी को साय सरकार ने जानकारी दी कि कांग्रेस सरकार ने 5 साल में कुल 4.57 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और 46 हजार सामुदायिक वनाधिकार पट्टे बांटे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलवाद भाजपा के रमन राज में फैला। अमित शाह जी यह कहना भूल गए कि 15 साल की रमन सिंह सरकार में नक्सलवाद से गलत ढंग से लड़ाई लड़ी गई और इससे आदिवासियों को भीषण पीड़ा और प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

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भाजपा के 15 साल की सरकार में बेहिसाब फर्जी एनकाउंटर

वे यह कहना भूल गए कि रमन सिंह सरकार के समय ही बस्तर से सात सौ गांव खाली करवाने पड़े और इसकी वजह से हजारों लोग पड़ोस के राज्य में पलायन कर गए। वे यह कहना भूल गए कि भाजपा के 15 साल की सरकार में बेहिसाब फर्जी एनकाउंटर हुए और हजारों मासूम आदिवासियों को झूठे नक्सली मामलों में फंसाकर जेल भेज दिया गया। अमित शाह यह याद नहीं कर पाए कि रमन सिंह जी ने ही सुरक्षा विशेषज्ञ केपीएस गिल से कहा था कि काम करने की ज़रुरत नहीं, वेतन लो और मौज करो।

अमित शाह जी को याद करना था कि भाजपा की सरकार के समय ही कथित नक्सली हमलों में कांग्रेस के नेताओं की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई। उन्हें यह भी याद करना था कि आजाद भारत के उस सबसे बड़े राजनीतिक हत्याकांड की जांच भी भाजपा ने न की और न होने दी। अमित शाह को याद करना था कि 15 साल के भाजपा शासनकाल में किस तरह से सरकारी अधिकारियों ने पत्रकारों को जान से मारने की धमकियां दीं और उनके घरों पर हमले करवाए।

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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी से अपेक्षा है कि वे श्रेय जरुर लें लेकिन कांग्रेस सरकार के कंधे पर पैर रखकर ऊंचा दिखने की कोशिश न करें। राज्य की साय सरकार से भी अपेक्षा है कि वह अमित शाह जी को अंधेरे में न रखे।

cg news congress : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी नेता उनसे मिलकर ज्ञापन सौपना चाहते थे। बस्तर के विकास की बात करना चाहते थे, अमित शाह उनसे मिलने का समय नहीं दिये। कांग्रेस ने 14 सवाल अमित शाह से पूछा है, उनके पास उसका जवाब नहीं था।