Jantapost News Raipur Report – ICAR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट ने 25 मई 2026 को बेल्टुकरी गाँव में ‘मेरा गाँव मेरा गौरव’ (MGMG) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फसलों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग और हरी खाद (green manuring) की प्रथाओं पर ज़ोर देना था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य किसानों के बीच मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल की उत्पादकता में सुधार के लिए टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
कार्यक्रम के दौरान, डॉ. के.सी. शर्मा और डॉ. एल.एल. खरबिकर ने संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य प्रबंधन और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में हरी खाद की भूमिका के महत्व पर व्याख्यान दिए।
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MGMG कार्यक्रम के नोडल अधिकारी, डॉ. ए. अमरेंद्र रेड्डी ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ, ताकि आने वाले खरीफ मौसम के दौरान खेती की लागत को कम किया जा सके और किसानों के मुनाफे में वृद्धि हो सके।
वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ बातचीत भी की और विभिन्न फसल प्रणालियों में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोणों पर चर्चा की। किसानों ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया और उर्वरक उपयोग तथा हरी खाद वाली फसलों से संबंधित अपनी शंकाओं का समाधान किया।
इस कार्यक्रम में कुल 30 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 20 पुरुष और 10 महिलाएँ शामिल थीं, और उन्होंने विशेषज्ञों द्वारा दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन से लाभ उठाया।
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