latest cg korba news : कोरबा छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग न्यूज
आज की लेटेस्ट छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग न्यूज latest cg korba news जानिये कचरे के उचित प्रबंधन की जवाबदारी स्वयं की एवं व्यापक स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविरों के बारे में खबर, प्रधानमंत्री आवास कोरबा में क्या हुआ और अग्नि सुरक्षा जागरूकता को दिया बढ़ावा।
कचरे के उचित प्रबंधन की जवाबदारी स्वयं की
कोरबा सें खबर है कि शहरी निकाय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण निकाय क्षेत्रांतर्गत ऐसे वेस्ट बल्क जनरेटर जो भारी मात्रा में कचरे का उत्सर्जन करते हैं एवं उनकी इकाईयॉं निर्धारित मानदण्डों के अंतर्गत आती है, उनकी अपने यहां उत्सर्जित कचरे के समुचित प्रबंधन व निपटान की जवाबदारी अपनी स्वयं की है। उन्हें कचरे के प्रबंधन हेतु अपनी इकाईयों संस्थानों में अनिवार्य रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होगी।

नगर पालिक निगम कोरबा के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी ने बताया कि भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 27 जनवरी 2026 राज्यपत्र में अधिसूचना जारी कर बल्क वेस्ट जनरेटरों के यहॉं उत्सर्जित कचरे के प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं तथा बल्क वेस्ट जनरेटरों को नये सिरे से चिन्हांकित किया गया है।
यह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 एक अप्रैल से प्रवृत्त किये गये हैं, ये नियम प्रत्येक शहरी निकाय के साथ-साथ ग्रामीण स्थानीय निकाय पर भी लागू होंगे, जिसमें उनके अधिकार क्षेत्र के अधीन आने वाली सभी संस्थाएं सम्मिलित है, चाहें वह सरकार द्वारा नियंत्रित व प्रबंधित हों, निजी क्षेत्र या लोक निजी भागीदारी में, विशेष अधिसूचित क्षेत्र, अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्र या टाऊनशिप, विशेष आर्थिक जोन, फूड पार्क, भारतीय रेलवे के नियंत्रण वाले क्षेत्र जिनमें रेलवे स्टेशन, रेलवे टेऊक और रेलवे ट्रेक से सटे भूमि खण्ड सम्मिलित है, हवाई अड्डे, एयरबेस, पत्तन और विमान पत्तन सम्मिलित हैं, रक्षा प्रतिष्ठान, लोक और निजी प्रतिष्ठान, राज्य और केन्द्रीय सरकार के संगठन, तीर्थ स्थल, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थान और सभी भूमि मालिक और प्रत्येक घरेलु संस्थागत, वाणिज्यिक और किसी अन्य गैरआवासीय ठोस अपशिष्ट उत्पादक पर लागू होंगे।
latest cg korba news : डस्टबिन रखना अनिवार्य है
सूखे-गीले व अन्य प्रकार के कचरे के संग्रहण हेतु डस्टबिन रखना अनिवार्य है, इसके साथ ही प्रत्येक सड़क विक्रेता अर्थात रोड साईट पर व्यवसाय करने वालों को अपने कार्यकलाप के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट जैसे खाद्य अपशिष्ट, डिस्पोजल, प्लेट, कप, डिब्बे, रेपर, नारियल के खोल, बचा हुआ भोजन, सब्जियां फल आदि के भण्डारण के लिये उपयुक्त कन्टेनर रखना आवश्यक है और ऐसे अपशिष्ट को स्थानीय निकाय, नगर निगम आदि द्वारा अधिसूचित अपशिष्ट भण्डारण या डिपो या कन्टेनर या वाहन में जमा करना होगा, इसके लिये अपशिष्ट उत्पादनकर्ता निकाय द्वारा नियत किये गये यूजर चार्जेज फीस प्रदाय करनी होगी।
इसी प्रकार पृथक ठोस अपशिष्ट अर्थात गीला अपशिष्ट, सूखा कचरा, विशेष देखभाल वाला अपशिष्ट और सेनेटरी अपशिष्ट के भण्डारण के लिये उपयुक्त कन्टेनर रखने होंगे तथा इस पृथक अपशिष्ट को अधिकृत अपशिष्ट संग्रहणकर्ताओं या स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित अपशिष्ट संगहण वाहनों के माध्यम से भेजना होगा।
व्यापक स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन
कोरबा, में खबर है कि कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कोरबा जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण हेतु “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत व्यापक स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनता को समयबद्ध सेवाएँ प्रदान करने और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कुल 37 शिविरों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को क्लस्टर प्रभारी बनाते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी शिविरों में राजस्व, पंचायत, बिजली, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य, श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहकर समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करेंगे। जिन प्रकरणों का समाधान तत्काल संभव नहीं होगा, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों एवं स्थानों पर आयोजित इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी समस्याएँ दर्ज कराएँ तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
PM आवास के कोरबा में साकार सपने

कोरबा, कभी टपकती छत के नीचे बीतती रातें, हर बारिश के साथ बढ़ती चिंता, और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर पल का डर3 ऐसे ही अनगिनत संघर्षों के बीच एक पक्के घर का सपना कई परिवारों के लिए केवल एक अधूरी चाह बनकर रह जाता था। लेकिन अब वही सपना साकार हो रहा है। सरकार की संवेदनशील सोच और जनकल्याणकारी प्रयासों ने उन उम्मीदों को नया आसमान दिया है, जिनके पास कभी अपना आशियाना नहीं था। अब केवल घर नहीं बन रहे, बल्कि सुरक्षित भविष्य, सम्मान और आत्मविश्वास की नींव भी रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना ने न केवल लोगों को छत दी है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत कोरबा जिले के आरामशीन बुधवारी क्षेत्र में निवासरत पिंटू साहू के परिवार का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती कंचन साहू के नाम से आवास स्वीकृत हुआ है।
श्रीमती साहू ने बताया कि उन्हें योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया, जिसके बाद महज एक माह के भीतर उनका आवास स्वीकृत हो गया और उन्हें प्रथम किस्त के रूप में 63 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने अपने नए घर का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। बारिश के दिनों में घर में पानी टपकना, पानी भरना और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। सीमित आय में जीवन यापन करते हुए इन समस्याओं से जूझना उनके लिए बेहद कठिन था।
अग्नि सुरक्षा जागरूकता को दिया बढ़ावा

वेदांता समूह कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित अस्पताल और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज थीम के तहत राष्ट्रीय फायर सर्विस सप्ताह का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा जागरूकता, आपातकालीन तैयारी और घटनाओं की रोकथाम को मजबूत करना था। इसमें कर्मचारियों, व्यापारिक साझेदारों, स्कूली छात्रों और समुदाय के सदस्यों सहित 1100 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
सप्ताह भर चले इस आयोजन में क्विज, चित्रकला और स्लोगन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अग्नि सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही, बालको ने सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए, जिनमें लाइव फायर सेफ्टी डेमो और नुक्कड़ नाटक शामिल थे, ताकि विभिन्न हितधारकों के बीच सुरक्षा-प्रथम दृष्टिकोण को और मजबूत किया जा सके।
अभियान का समापन विभिन्न विभागों के उन कर्मचारियों और टीमों को सम्मानित कर किया गया, जिन्होंने प्लांट परिसर में अग्नि सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस आयोजन में कोरबा क्षेत्र की अन्य औद्योगिक इकाइयों जैसे एनटीपीसी लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जो क्षेत्रीय सुरक्षा तैयारियों के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि अग्नि सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए निरंतर सतर्कता और तैयारी आवश्यक है। बालको में हम जागरूकता बढ़ाने, क्षमताओं का निर्माण करने और ऐसी प्रणालियाँ विकसित करने पर जोर दे रहे हैं, जो त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। अपने कर्मचारियों और समुदाय के साथ सतत जुड़ाव के माध्यम से हम एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण का निर्माण करना चाहते हैं।
एनटीपीसी कोरबा के सीआईएसएफ फायर विंग के सहायक कमांडेंट शिवेंद्र कुमार ने कहा कि बालको की फायर सेफ्टी टीम ने बार-बार आपात स्थितियों में उत्कृष्ट दक्षता और संयम का परिचय दिया है। कोरबा की नागरिक प्रशासनिक इकाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने हर जरूरत के समय महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। समुदाय और स्कूलों को प्रशिक्षण देने की उनकी पहल दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण है, जो सामूहिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
बालको की फायर और सेफ्टी टीम जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया पर केंद्रित है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान टीम ने 200 से अधिक आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया दी। तेज और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए क्विक रिस्पॉन्स वाहन की खरीदारी। 5500 से अधिक लोगों को फायर एक्सटिंग्विशर उपयोग, सीपीआर और आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। साथ ही प्लांट और आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक मॉक ड्रिल्स आयोजित कीं। बालको अस्पताल में स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किया तथा 400 से अधिक मल्टी-सेंसर और उन्नत फयर अलार्म सिस्टम लगाकर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया।
ग्रीष्मकालीन अवधि में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में परिवर्तन
कोरबा – छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र अब प्रात: 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे।
एकीकृत बाल विकास सेवा योजना से संबंधित आदेशों में कहा गया है कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। तेज गर्मी के जोखिम को देखते हुए बच्चों की उपस्थिति का समय केवल प्रात: 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निश्चित किया गया है। इस अवधि में बच्चों को स्कूल-पूर्व शिक्षा, पूरक पोषण तथा अन्य गतिविधियाँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएँगी।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिनके माध्यम से पोषण, टीकाकरण एवं परामर्श जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान की जाती हैं वे केंद्र बंद होने के बाद शेष कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करेंगी।
अत्यधिक तापमान, गर्म हवाओं या हीटवेव की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुँचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए है।
इसके अतिरिक्त यह भी निर्धारित किया गया है कि ग्रीष्मकालीन अवधि समाप्त होने के उपरांत 1 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन पुन: पूर्व निर्धारित समय प्रात: 9:30 बजे से 3:30 बजे तक किया जाएगा। जारी निर्देशों की प्रतियाँ जिले स्तर पर निरीक्षण अधिकारियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करा दी गई हैं तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इनका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासन के दिशा निर्देशों के तहत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रो के संचालन के निर्देश दिए हैं।
F&Q
कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी किसकी है?
कचरे का सही प्रबंधन हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
कचरा प्रबंधन क्यों जरूरी है?
यह स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जरूरी है।
जनसमस्या निवारण शिविर क्या हैं?
ये शिविर लोगों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए लगाए जाते हैं।
इन शिविरों का उद्देश्य क्या है?
जनता की शिकायतों का मौके पर समाधान करना इसका उद्देश्य है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ किसे मिलता है?
यह योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को पक्का घर देती है।
कोरबा में इस योजना का क्या असर है?
इससे कई लोगों का घर का सपना पूरा हुआ है।
अग्नि सुरक्षा जागरूकता क्यों जरूरी है?
यह आग से होने वाले हादसों को कम करती है।
latest cg korba news का उद्देश्य ?
न्यूज़ आपको ताज़ा दिखाना
निष्कर्ष :
आपने आज जाना लेटेस्ट छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग न्यूज latest cg korba news । इन सभी खबरों से यह स्पष्ट होता है कि समाज के विकास के लिए जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं। कचरा प्रबंधन से लेकर अग्नि सुरक्षा तक, हर क्षेत्र में लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। वहीं जनसमस्या निवारण शिविर और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलें आम जनता को सीधा लाभ पहुंचा रही हैं। सरकार और प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों का सहयोग ही इन योजनाओं को सफल बनाता है। यदि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें और सक्रिय रूप से भाग लें, तो समाज को स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित बनाया जा सकता है।
डिस्टक्लेमर : यह सभी न्यूज अलग-अलग एजेंसी सोर्स से लिये गये हैं ।
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