जनता पोस्ट । आज की लेटेस्ट छत्तीसगढ़ की ब्रेकिंग न्यूज cg korba samachar  जानिये  कोरबा के कबाड़ी की खबर छापने पर पत्रकार को गाली गलौज कर धमकाना पड़ा भारी  सजग कोरबा-सतर्क कोरबा अभियान के तहत 15 दिनों में 170 प्रकरण दर्ज ठेकेदार द्वारा काम कराने के बाद भी रोका 3 महीने का वेतन, कलेक्टर से जनदर्शन में लगाई न्याय की गुहार निहारिका शराब दुकान के बाहर मारपीट से जाम और दहशत, कोरबा के शिवपुर फुलवारीपारा में मिली 368 वर्ष पुरानी पांडुलिपि, तेज रफ्तार ट्रेलर का कहर  
कबाड़ी की खबर छापने पर गाली गलौज 

कोरबा । उर्जानगरी कोरबा में संचालित अवैध कबाड़ के मामले में कबाड़ चोरों का पक्ष लेकर पत्रकार को धमकाना व गालियां देना के अधिवक्ता को महंगा पड़ गया। एसपी के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता कमलेश साहू पर अपराध दर्ज कर लिया गया है।

दरअसल, कमलेश साहू अवैध कबाड़ चोरी के मामले में आरोपी मुकेश साहू का भाई और वकील भी है, बिना नाम के प्रकाशित एक खबर पर मुकेश का पक्ष लेकर पत्रकार को धमकाने लगा।

यह जगजाहिर है कि कोई भी अधिवक्ता अपने क्लाइंट का केस न्यायालय में लड़ता है लेकिन कोई अधिवक्ता अपने क्लाइंट का पक्ष लेकर सड़क पर उतर जाए, मरने- मारने की बात करने लगे, तो बात सिर्फ पेशे तक सीमित नहीं रह जाता बल्कि उसके व्यक्तिगत स्वार्थ को साबित करता है।

पुलिस चैकी मानिकपुर थाना कोतवाली कोरबा में दर्ज अपराध क्रमांक 366/2026 , धारा 296, 351(2)बीएनएस है। अधिवक्ता कमलेश साहू का कबाड़ के व्यवसाय में सीधे तौर पर जुड़ा होना, उसका व्यक्तिगत मामला भी हो सकता है लेकिन किसी खबर प्रकाशम को लेकर इस प्रकार से गाली-गलौज करते हुए धमकी देना कतई उचित नहीं।

सजग कोरबा-सतर्क कोरबा अभियान 170 प्रकरण दर्ज

कोरबा (आरएनएस)। कोरबा जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सजग कोरबा-सतर्क कोरबा अभियान के तहत रात्रि गश्त में सख्ती बढ़ा दी गई है। रात के समय संदिग्ध रूप से घूमने वाले लोगों पर पुलिस कड़ी नजर रख रही है और उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 15 दिनों में बिना उचित कारण के रात में घूमने वाले और पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 128 के तहत कुल 170 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रात में होने वाले चोरी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाना, संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रात्रि गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। इस अभियान के माध्यम से जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

कलेक्टर से जनदर्शन में लगाई न्याय की गुहार 

कोरबा । जिले में मजदूरों के शोषण का एक और मामला सामने आया है, जहां काम कराने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। मामला जनदर्शन में पहुंचा, जहां पीडि़त ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

जनदर्शन में 30 मार्च 2026 को दिए गए आवेदन का अब तक निराकरण नहीं हुआ है। 

आवेदन के अनुसार, ग्राम सलिहाभाटा (तहसील दर्री) निवासी तीज राम यादव ने आरोप लगाया है कि उन्होंने ठेकेदार गोविंद सिंह कंवर के अधीन काम किया, लेकिन 26,130 रुपये की मजदूरी अब तक नहीं दी गई। पीडि़त के मुताबिक, वह करीब एक साल से कार्य कर रहा था और उसे प्रतिमाह भुगतान किया जाना था, लेकिन 27 जुलाई 2025 से लेकर मार्च 2026 तक कई अवधियों का पैसा रोक लिया गया।

आवेदन में बताया गया है कि जब भी मजदूरी मांगी जाती है, ठेकेदार द्वारा अभी पैसे नहीं हैं कहकर टाल दिया जाता है। लगातार चक्कर कटवाने के बावजूद भुगतान नहीं होने से मजदूर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। तीन महीने से ज्यादा समय तक वेतन नहीं मिलने के कारण पीडि़त ने बताया कि उसके परिवार की स्थिति दयनीय हो गई है। रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है, जिससे मानसिक और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीडि़त ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बकाया राशि दिलाने की मांग की है। 

आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बने नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा। क्या प्रशासन ऐसे मामलों में सख्ती दिखाएगा या फिर मजदूरों को यूं ही दर-दर भटकना पड़ेगा?

मारपीट से जाम और दहशत का माहौल

कोरबा । शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल निहारिका क्षेत्र स्थित शराब दुकान के सामने आए दिन हो रही मारपीट की घटनाओं ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। मुख्य मार्ग पर स्थित इस दुकान के आसपास हर रोज भीड़ उमड़ रही है, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है बल्कि क्षेत्र का माहौल भी असुरक्षित होता जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शराब के नशे में धुत लोगों के बीच अक्सर विवाद और हाथापाई की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि यहां से गुजरने वाले राहगीरों, खासकर महिलाओं के लिए निकलना मुश्किल हो गया है। शाम होते ही माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है, जिससे आसपास के दुकानदारों में भय और नाराजगी देखी जा रही है।

व्यापारियों का कहना है कि रोजाना लगने वाली भीड़ और मारपीट के कारण उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहक इस क्षेत्र में आने से कतराने लगे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए। नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, भीड़ नियंत्रण और आवश्यक होने पर दुकान के स्थानांतरण जैसे कदम उठाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।

cg korba samachar – मिली 368 वर्ष पुरानी पांडुलिपि

कोरबा (आरएनएस)। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में चल रहे ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत जिले को एक बड़ी ऐतिहासिक सफलता मिली है। 26 अप्रैल 2026 को पाली विकासखंड के दूरस्थ ग्राम शिवपुर फुलवारीपारा में सर्वेक्षण के दौरान सन 1658 की लगभग 368 वर्ष पुरानी हस्तलिखित प्राचीन पांडुलिपियाँ खोजी गईं, जिन्हें ज्ञानभारतम एप के माध्यम से डिजिटल रूप में सुरक्षित कर लिया गया।

जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने मौके पर ही मोबाइल के जरिए इन पांडुलिपियों के फोटो अपलोड कर उनका डिजिटलीकरण्: किया। इस अभियान के अंतर्गत कुल 25 प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण एवं डिजिटल संरक्षण किया गया। 

इनमें सन 1658 में गोपाल मिश्र द्वारा लिखित औरंगजेब कालीन साहित्यिक ग्रंथ खूब तमाशा, वर्ष 1829 में मनीराम अग्रवाल द्वारा रचित नासकेतु ग्रंथ, वर्ष 1831 की वैदेकीय पोथी तथा 1852 में गोस्वामी जनार्दन भट्टाचार्य द्वारा लिखित वेदारत्न पंच प्रकाश जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं। 

ये सभी दुर्लभ पांडुलिपियाँ देवनागरी लिपि और संस्कृत भाषा में लिखी गई हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रख्यात भाषाविद् डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्र ने कहा कि प्राचीन पांडुलिपियाँ हमारे इतिहास, भाषा और संस्कृति को समझने का आधार हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 60 वर्षों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा के महत्व को समझने और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

ट्रेलर का कहर तेज रफ्तार 

cg korba samachar –  कोरबा शहर में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार अब खतरे की घंटी बनती जा रही है। बीती रात टीपी नगर चैक पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने ट्रैफिक सिग्नल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे विशाल खंभा गिर गया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेलर की रफ्तार काफी तेज थी और अचानक नियंत्रण खोने के कारण उसने सिग्नल खंभे को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि खंभा मौके पर ही धराशायी हो गया।

गनीमत रही कि पास में मौजूद ट्रैफिक चैकी इस हादसे की चपेट में आने से बच गई, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना के समय चैक पर ज्यादा भीड़ नहीं होने से जनहानि नहीं हुई। 

पत्रकार को धमकी देने का मामला क्या है?

कबाड़ी की खबर छापने से नाराज़ होकर आरोपी ने पत्रकार को गाली-गलौज और धमकी दी, जिस पर कार्रवाई की गई।

“सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान क्या है?

यह एक विशेष अभियान है, जिसमें 15 दिनों में 170 मामलों में कार्रवाई कर कानून व्यवस्था मजबूत की गई।

मजदूर ने कलेक्टर से शिकायत क्यों की?

ठेकेदार ने काम कराने के बाद भी 3 महीने का वेतन नहीं दिया, इसलिए मजदूर ने जनदर्शन में न्याय की गुहार लगाई।

निहारिका शराब दुकान के बाहर क्या हुआ?

वहां मारपीट की घटना हुई, जिससे इलाके में जाम और दहशत का माहौल बन गया।

शिवपुर फुलवारीपारा में मिली पांडुलिपि क्यों खास है?

यहां 368 साल पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि मिली है, जो ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

तेज रफ्तार ट्रेलर से क्या घटना हुई?

तेज रफ्तार ट्रेलर के कारण दुर्घटना हुई, जिससे लोगों में डर और आक्रोश देखने को मिला।

निष्कर्ष (Conclusion):

cg korba samachar  की इन सभी घटनाओं से यह साफ होता है कि कोरबा जिले में सामने आई ये सभी घटनाएं कानून-व्यवस्था, सामाजिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक सक्रियता की मिली-जुली तस्वीर पेश करती हैं। एक ओर जहां पत्रकार को धमकाने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर कानून का संदेश दिया गया है, वहीं “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्रकरण दर्ज कर पुलिस की सक्रियता भी नजर आती है। मजदूरों के वेतन विवाद, शराब दुकान के बाहर मारपीट और सड़क हादसों जैसे मुद्दे प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं, जिन पर त्वरित और प्रभावी समाधान की आवश्यकता है। वहीं ऐतिहासिक पांडुलिपि की खोज और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम जिले की सकारात्मक दिशा को भी दर्शाते हैं। कुल मिलाकर, कोरबा में सुरक्षा, न्याय और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत साफ दिखाई देती है। 

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